संदेश
2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
I AM MUKESH KUMAR BARMAN FROM BIRRA,DISTRICT-JANJGIR CHAMPA STATE CHHATISGARH,COUNTRY INDIA. I AM A COLLEGE STUDENT.I READ IN CLASS B.SC.2ND YEAR WITH SCIENCE STREAM BIO GEOUP IN GOVRMENT NAVEEN COLLEGE BIRRA. MY FATHERS NAME IS PANCHRAM BARMAN BUT HE IS NO MORE.MY MOTHERS NAME IS GURBARI BARMAN,SHE IS A WORKER AND HOUSWIFE. I HAVE FOUR BROTHERS AND TOW SISTER THAT’S NAME ARE 1.DHANWSHWARI KUMARI 2.KUSUM KUMARI 3.KAMLESH KUMAR 4.SURESH KUMAR 5.RAJESH KUMAR 6.NARESH KUMAR. MY HOBBY ARE-RUNNING ,READING,LISTEN MUSIC ETC.MY FAVOVRITE MOVIES IS THE BORDERAND MY FAVOVRITE SONG IS SANDESHE AATE HAI.BLUE IS NY BEST COLOUR. I LIKE WATCH INTRESTING VIDEO IN YOU TUBE.ACTOR VARUN PURUTHY IS MY FAVOVRITE ACTOR MOTIVASTIONAL SPEAKER. EVERY SISTERS IS MY OWN SISTER.I ALWAYS SPWAKE TRUTH AND I ALWAYS RESPECT EVERY GIRL AND WOMEN.I ALWAYS HELP EVERYONE ANY TIME ANY WHERE. HUMANITY IS MY DHARMA AND LOVE IS MY KARMA. I AM ALAWYS HAPPY.I WANT TO BE A SOLDIER.I LOVE SOLDIERS. I LOVE MY FAMILY AND I LOVE MY INDIA. I HOPE YOU ARE ALAYS BE HAPPY AND DOING VERY GOOD WORK.SO ALAWYS BE HAPPY AND KEEP SMILE………………………………………………………………………….. YOUR OWN MUKESH KUMAR BARMAN A PATRIOTAND A SIMPLE HUMAN BEING…………………………………………………………………....................
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
दिनांक 26 अप्रैल 2019 दिन शुक्रवार समय सुबह 5:35 बजे। मेरी पोस्ट को पढ़ना जरूर और इस बात पर अमल करना,सुधर जाओ मेरे भाइयों-स्कूल के तीन छात्र लड़कों ने स्कूल के चौकीदार को कुछ रुपये पैसे दिए और कहा कि छुट्टी के समय एक लड़की को किसी भी तरह अंदर ही रोक लेना लालची चौकीदार ने पैसे लिए और जैसे ही छुट्टी हुई तो उसने .. एक लड़की को गेट के पास ही बैठा दिया बाहर जब लड़की का पिता उसे लेने आया तो चौकीदार ने कह दिया कि आपकी बच्ची तो जा चुकी है .. जब पिता चला गया तो चौकीदार ने उससे कहा कि आप के अबबू आ जाएंगे आप टेंशन न लो और अंदर कक्षा में जाकर बैठ जाओ जब कोई आएगा तो मैं तुम्हें सूचित कर दूंगा _ लड़की परेशानी के आलम मे कक्षा में जाकर इंतजार करने लगी तो चुपके से चौकीदार ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया _ फिर वह वासना के पुजारी तीनों लड़के आ गए, पहले एक ने जाकर जबरन बलात्कार किया फिर दूसरे ने भी .. .. लेकिन जब तीसरा लड़का उस कमसिन लड़की से अपनी प्यास बुझाने अंदर दाख़िल हुआ तो अपने आगे इस बच्ची को देखकर उसकी सांसें रुक गईं और पत्थर की तरह हो गया ... .. जानते हो क्यों .. ??? क्योंकि वह लड़की उस लड़के की बहन थी 😔 .. लोगों की बहन बेटियां दागी करने वालो सुनो! एक न एक दिन तुम्हारी बहन बेटियों के साथ भी वैसा ही होगा क्योंकि यह एक कर्ज है जो चुकाना ही पड़ेगा।।.... जिस तरह से आप अपनी बहन की रक्षा और इज्जत करते है उसी तरह दूसरों के बहनो की भी इज्जत और रक्षा करना सीखो। इसलिए मै हमेशा कहता हूँ कि इज्जत किया करो दोस्तो सभी बहनो की क्या फर्क पड़ता है अपनी हो या गैरो की। अगर आप दूसरों की बहन की इज्जत नही करते तो हर साल अपने बहन से रक्षा बंधन पर राखी बंधवाने का कोई मतलब नही।आप दूसरो की बहन की इज्जत से नही खेलते आप खुद अपनी बहन की इज्जत से खेलते हो।बहन का अर्थ बहन होता है,माँ का अर्थ भी माँ ही होता है। हम सब अपने माँ को माँ ही कहते है,बहन को बहन ही कहते है तो फिर क्यों इनका अर्थ नही समझते।अभी भी मौका है सुधर जाओ मेरे भाईयों क्या पता कल आँसू,दर्द और पछतावा के सिवा कुछ हासिल न हो। आपका अपना मुकेश कुमार बर्मन(एक देशभक्त,लेखक,शायर,विद्यार्थी और एक इंसान) जय हिंद.... I Love My India...
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
ना गीता बुरी है,ना कुरान बुरा है। ना ग्रंथ बुरा,है ना बाइबल बुरा है। ना हिंदू बुरा है,ना मुसलमान बुरा है। ना सिख बुरा है,ना ईसाई बुरा है। ना भगवान बुरा हैं,ना अल्लाह बुरा है। ना रब बुरा है,ना मसीह बुरा है। भेजा में जो कुछ गलत घुसा है वह शैतान बुरा है। मुकेश कुमार बर्मन I LOVE MY INDIA...... We are not Hindu,Muslim,Sikh,Christian. We are first Indian Yaar.....
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
एक बार पढ़िएगा जरूर--मेरी यह कहानी तब की है जब मैं अपने गांव बिर्रा(छत्तीसगढ़) से CGBSE 2018 के 12वीं बोर्ड परीक्षा को दिला कर अपने परिवार के पास काम करने के लिए पंजाब पहुंचा।आगे पढ़े--जालंधर(पंजाब) के एक दुकान पर लस्सी का ऑर्डर देकर हम सब दोस्त आराम से बैठकर एक दूसरे की खिंचाई और हंसी मजाक में लगे ही थे,कि लगभग 75 साल की एक बुजुर्ग महिला पैसा मांगते हुए हाथ फैलाकर मेरे सामने खड़ी हो गई। उनकी कमर झुकी हुई थी,चेहरे की झुर्रियों में भूख तैर रही थी,नेत्र भीतर को धंसे हुए किंतु सजल थी।उनको देखकर मन में ना जाने क्या आया कि मैंने जेब में सिक्का निकालने के लिए डाला हुआ हाथ वापस खींचते हुए उनसे पूछ लिया- दादी लस्सी पीओगी? मेरी इस बात पर दादी कम अचंभित हुई और मेरे मित्र अधिक क्योंकि अगर मैं उनको पैसा देता तो बस 5-10 रुपये ही देता लेकिन लस्सी तो ₹50 की एक गिलास थी इसलिए लस्सी पिलाने से मेरे गरीब हो जाने की और उस बूढ़ी दादी कि मुझे ठगकर अमीर हो जाने की संभावना बहुत अधिक बढ़ गई थी। दादी ने संकुचाते हुए हामी भरी अरे अपने पास जो मांग कर जमा किए गए जो 6 ₹7 थे अपने कांपते हाथों से मेरी और बढ़ाएं।मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैंने उनसे पूछा यह किस लिए? तो वह बोली इनको मिलाकर मेरे लसी के पैसे चुका देना बेटा!! भावुक तो मैं उनको देखकर ही हो गया था... रही बची कसर उनकी इस बात ने पूरी कर दी। एकाएक मेरी आंखें छल छला आई और भरभराए हुए गले से मैंने दुकान वाले से लस्सी बढ़ाने को कहा...उन्होंने अपने पैसे वापस अपनी मुट्ठी में बंद कर लिए और पास ही जमीन पर बैठ गई। अब मुझे अपनी लाचारी का अनुभव हुआ क्योंकि मैं वहां मौजूद दुकानदार,अपने दोस्तों और कई अन्य ग्राहकों की वजह से उनको कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं कह सका डर था कि कहीं कोई टोक ना दें...कहीं किसी को एक भीख मांगने वाली बूढ़ी महिला के उनके बराबर में बैठाए जाने पर आपत्ति ना हो जाए... लेकिन वह कुर्सी जिस पर मैं बैठा था मुझे काट रही थी... लस्सी गिलास में भरकर हम सब मित्रों और बूढ़ी दादी के हाथों में आते ही मैं अपना गिलास पकड़ कर दादी के पास जमीन पर ही बैठ गया क्योंकि ऐसे करने के लिए मैं स्वतंत्र था...इससे किसी को आपत्ति नहीं हो सकती थी...हां!मेरे दोस्तों ने एक पल को मुझे घूरा लेकिन वो कुछ कहते,उससे पहले ही दुकान के मालिक ने आगे बढ़कर दादी को उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया और मेरी ओर मुस्कुराते हुए मुझसे कहा... "ऊपर बैठ जाओ बेटा!मेरे यहां ग्राहक तो बहुत आते हैं मगर इंसान कभी कभार ही आता है।" अब सबके हाथों में लस्सी के गिलास और होठों पर सहज मुस्कुराहट थी,बस एक दादी ही थे जिनकी आंखों में तृप्ति के आंसू ,होठों पर मलाई के कुछ अंश और दिल में सैकड़ों दुआएं थी। ना जाने क्यों जब कभी हमें दस ₹20 किसी भूखे गरीब को देने या उस पर खर्च करने होते हैं तो वह हमें बहुत ज्यादा लगते हैं लेकिन सोचिए कि क्या वह चंद रूपये किसी के मन को तृप्त करने से अधिक कीमती है? क्या कभी भी उन रुपयों को बीयर,सिगरेट,शराब मांस,मटन पर खर्च कर ऐसी दुआएं खरीदी जा सकती है? "जब कभी अवसर मिले ऐसे दयापुर्ण और करूणामय काम करते रहे भले ही कोई आपका साथ दे या ना दे,समर्थन करें या ना करें सच मानिए इससे जो आपको आत्मिक सुख मिलेगा वह अमूल्य है।" दोस्तों मैं आप लोगों से बस इतना ही कहना चाहता हूं कि किसी गरीब को केवल पैसे ही देने की बजाय थोड़ा इज्जत प्यार से उनको भोजन भी करा दीजिए। कसम से बोलता हूं वह आपको जिंदगी भर याद करेगी।मेरी यह कहानी बेशक बहुत छोटी है लेकिन सोच में बहुत बड़ी है। इस कहानी से कुछ न कुछ सीख जरूर लेना मेरे दोस्तों। आपका अपना मुकेश कुमार बर्मन I LOVE MY INDIA..... जय हिंद....
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप



